Friday, February 13, 2026

New parliament exclusive Video: देखिए और जानिए क्या है नई संसद भवन में खास, सिर्फ “thebharatnow.in” पर

नए संसद भवन का एक बहुत ही मनमोहक वीडियो सरकार की तरफ से जारी किया गया है. इस वीडियो में संसद भवन को अंदर और बाहर दोनों जगहों से दर्शाया गया है. चलिए आपको संसद भवन के वीडियो के साथ ही इस नई संसद के बारे में कुछ जानकारियां भी दे दें

नई संसद को डिज़ाइन किस ने किया है?

नए भवन की डिजाइनिंग अहमदाबाद स्थित एचसीपी डिजाइन एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई है. टाटा प्रोजेक्ट्स ने नए संसद भवन के निर्माण का ठेका हासिल किया, जो केंद्र की सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजनाओं का एक हिस्सा था. इसके साथ ही बता दें कि नए संसद भवन की संरचना 64,500 वर्ग मीटर के क्षेत्र में की गई है.

1272 सांसदों के बैठने का है इंतजाम

पुराने संसद भवन में लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 250 सदस्य बैठ सकते थे. जबकि नए संसद भवन में लोकसभा में 888 सदस्यों और राज्यसभा में 384 सदस्यों के लिए जगह बनाई गई है.
सेंट्रल विस्टा इमारतों की तर्ज पर बनी नई संसद त्रिकोणीय संरचना है. इसमें लोकसभा, राज्यसभा, केंद्रीय लाउंज और संवैधानिक अधिकारियों के कार्यालय हैं.

मोर जैसा लगती है लोकसभा तो कमल जैसा दिखती है राज्यसभा

बात अगर नई लोकसभा की करें तो इसे भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर की समानता या कहें जैसा बनाया गया है. वहीं दूसरी ओर, नया राज्यसभा चैंबर राष्ट्रीय फूल, कमल के समान है.
सरकार के आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है कि नए भवन में लोकसभा और राज्यसभा चैंबर्स में प्रत्येक बेंच पर दो सदस्य अगल-बगल बैठ सकेंगे. वीडियो में साफ नज़र आ रहा है कि प्रत्येक सीट डिजिटल सिस्टम और टच स्क्रीन से लैस है.

राष्ट्रपति भवन से प्रभावित है नई संसद का वास्तुशिल्प

सरकार का आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक नया संसद भवन भारत के महत्वपूर्ण विरासत भवनों, जैसे कि राष्ट्रपति भवन, के विभिन्न वास्तुशिल्प प्रभावों को दर्शाता है.
नए संसद भवन में छह समिति कक्ष होंगे. वर्तमान संरचना में ऐसे तीन कमरे हैं. इसमें मंत्रिपरिषद के उपयोग के लिए 92 कमरे होंगे. संसद भवन में एक केंद्रीय प्रांगण भी होगा जहां दोनों सदनों के सदस्यों के लिए खुली बैठक का इंतजाम किया जा सकेगा.

पावर बैकअप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का भी रखा गया है ध्यान

नए भवन में भारत की लोकतांत्रिक विरासत को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से एक कॉन्स्टिट्यूशन हॉल होगा. अन्य आगामी संरचना में एक पुस्तकालय, एक भोजन कक्ष और सदस्यों के लिए पर्याप्त पार्किंग शामिल है.
नई इमारत में वर्षा जल संचयन (rain water harvesting) और जल पुनर्चक्रण (water recycling) प्रणाली भी है. दस्तावेज़ में कहा गया है कि पूरे भवन में 100% यूपीएस पावर बैकअप का प्रावधान किया गया है.

ये भी पढ़ें- Sengol: प्रधान सेवक से राजदंड तक की कहानी, जानिए सेंगोल को लेकर क्या है विवाद? बीजेपी को क्यों पसंद है नेहरू बनाम मोदी?

Latest news

Related news