Wednesday, January 14, 2026

Karnataka Election: मतदान से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर चलाया हैशटैग #BJPRateCard, जानिए क्या है मामला

दिल्ली : कर्नाटक चुनाव (Karnataka Election 2023) में प्रचार अभियान चरम पर है. बीजेपी की तरफ से स्टार कैंपेनर पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री  समेत तमाम नेता और अभिनेता मैदान में हैं उतरे हुए हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस भी सड़क से सोशल मीडिया तक पर बीजेपी को कड़ी टक्कर दे रही है.

पीएम मोदी इस समय आखिरी समय पर प्रचार के लिए कर्नाटक (Karnataka Election 2023) में हैं और 6 और 7 मई को वह बैंगलोर में रोड़ शो करने वाले है. इसके लिए पीएम शुक्रवार को ही बैंगलोर पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी के 6 मई को होने वाले रोड़ शो (Karnataka Election 2023) से पहले कांग्रेस ने आज सोशल मीडिया साइट्स ट्टीटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर एक हैशटैग #bjpratecard चलाया है. इस हैशटैग के साथ जरिए वो कर्नाटक सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर को उजागर करके ये बताने की कोशिश की है कि कर्नाटक में 40 प्रतिशत कमीशन की सरकार है. यहां हर चीज के लिए मंत्रियों और अधिकारियों को पैसा खिलाना आम बात है. कांग्रेस ने घूस की एक रेट लिस्ट बनाकर बाकायदा ये बताने की कोशिश की है कि कर्नाटक (Karnataka Election 2023) में हर काम के लिए जेब ढीली करनी पड़ती है. तय रकम देंगे तभी काम होगा.

इस हैश टैग में कांग्रेस ने ट्रबल  बीजेपी सरकार में हर काम के लिए कमीशन और रेट की लिस्ट बनाई है.

किस विभाग में तबादले के क्या हैं रेट ?

सबसे पहले इस लिस्ट में सरकारी अधिकारियों को अलग अलग विभागों में ट्रांसफर के लिए लिये जाने वाले घूस का जिक्र है.बाकायदा हर पद के लिए एक रेट लिस्ट तय है.कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में हर ट्रांसफर घूस के जरिए ही होता है.

KSDL( कर्नाटका सोप्स एंड डिटरजेंट लिमिटेड – 5 से 15 करोड़

इंजीनियर – एक करोड़ से पांच करोड़

सब-रजिस्ट्रार- 50 लाख से 5 करोड़

BESCOM- 1 करोड़

कांग्रेस ऐसे ही तमाम सरकारी पदों और विभागों में होने वाले अप्वाइंटमेंट और ट्रांसफर्स के बारे में लिस्ट बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रही है. इस रेट लिस्ट में एक और रेट कार्ड बनाया गया है जिसमें जन कल्याण के नाम पर खर्चा होने वाले पैसों कर्नाटक सरकार के मंत्री और अधिकारी कमिशन वसूलते हैं, उसका जिक्र हैं.

जैसे आरोप है कि कोविड काल में  सरकार ने जनता के लिए वैक्सिन मंगाई तो उसमें संबंधित लोगों ने 75 प्रतिशत कमीशन लिया.

किसी को PWD  का कांट्रेक्ट चाहिये तो उसे 40 प्रतिशत कमीशन देनी होगी

मठों को मिलने वाले पैसों पर सरकार के लोग 30 प्रतिशत कमीशन लेते हैं.

सरकारी खरीद पर 40 प्रतिशत कमीशन देना फिक्स है .

मज़ेदार बात ये है कि लोगों ने कांग्रेस के इस हैशटैग को हाथों हाथ लिया है. इस वायरल हैशटैग पर लोग जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

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