Saturday, January 17, 2026

2024 लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में हो  सकता है धमाका, सम्राट चौधरी और विनोद तावड़े मिलकर नीतीश को घेरने की कर रहे हैं तैयारी

पटना : आने वाला लोकसभा चुनाव 2024 बिहार की राजनीति में उथल पुथल ला सकता है. बीजेपी ने इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है. लोकसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी में अपने संगठन में कई तब्दीली भी कर दी है.

सम्राट चौधरी को दी गई कमान

संजय जायसवाल को हटाकर बिहार बीजेपी की कमान सम्राट चौधरी को दी गई है.संजय जायसवाल की छवि जहां शालीन प्यार से बात करने वाले की थी वहीं सम्राट चौधरी की छवि आक्रामक वाली है और इसी आक्रामकता और जातिगत समीकरण को देखते हुए सम्राट चौधरी को बिहार बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया है. बिहार की जिम्मवारी मिलने के बाद आज सम्राट चौधरी ने दिल्ली में बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की और आगामी लोकसभा चुनाव को जीतने की रणनीति पर बात की.

नीतीश से नाराज नेताओं को इकट्ठा करेंगे

इस बैठक में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कैसे छोटे- छोटे दलों और बिहार के मुख्यमंत्री से नाराज़ नेताओं को NDA से जोड़ा जाए इस पर चर्चा हुई. बीजेपी पहले तो छोटे दलों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेगी. इसके अलावा महागठबंधन के वोट बैंक में सेंध लगाने के उपाय भी किये जाएंगे. उपेंद्र कुशवाहा नीतीश के वोट काटने में भाजपा की मदद जरूर करेंगे. इसके अलावा आरसीपी सिंह भी नीतीश कुमार को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

ओबीसी वोट बैंक में लगाएंगे सेंध

चिराग पासवान को पहले से ही केन्द्र सरकार ने Y श्रेणी की सुविधा देकर अपने पक्ष में कर लिया है. इसके अलावा वीआईपी के मुकेश सहनी को भी Z कैटगरी की सुरक्षा देकर बीजेपी ने अपने पक्ष में कर लिया है. अब हम (से) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी बीजेपी अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है. यह बात खुद नीतीश कुमार बोल चुके हैं. उसके बाद ही सफाई में जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार को आश्वासन दिया था कि वो कहीं नहीं जाने वाले हैं.यानी बीजेपी नीतीश कुमार से नाराज नेताओं को अपनी तरफ खींच रही है.

दिल्ली यात्रा के दौरान सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं और बिहार में आरजेडी और जेडीयू के एक साथ आने के बाद बीजेपी एक नई रणनीति पर काम रही है जिसके तहत ओबीसी वोटबैंक में सेंध लगाई जाएगी.

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